तलाक से ना पति जीतता है, न पत्नी !

हम सब किसी ना किसी रिश्तों में बंधे होते है, वो भी बिना जंजीर के, कोई रस्सी हमे नही बांधती फिर भी हम जिम्मेदारी, परम्परा, न्याय और स्वतन्त्रता की चाहत लिए निबाहते रहते है| इन सबके साथ जो सूक्षम चीज हमे एक धागे में पिरोती है वो है भावनाएं, अहसास, प्यार, लगाव, विश्वास और समर्पण| […]

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