ईमानदार सहायक आयुक्त के तबादले के लिए भोपाल डेरा डालकर बैठा दलाल

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खरगोन जिले के ट्राईबल विभाग को निलेश रघुवंशी जैसे दलालो की कठपुतली बनकर रहने वाले अधिकारी की रवानगी के बाद अब कई सालो के बाद सुरज डामोर के रूप में एक ईमानदार और कर्तव्यनिस्ठ सहायक आयुक्त मिली है.

हालाकि, खरगोन के कुछ दलालो को मेडम की ईमानदारी रास नही आ रही है. बरसो से ट्राईबल विभाग को अपने घर से चलाने वाले एक दलाल की ईमानदार मेडम से अभी तक साठगांठ नही बैठ पाई है.
विश्वस्त सुत्रो के अनुसार, यह दलाल पिछले एक सप्ताह से भोपाल में डेरा जमाकर बैठा है मेडम का खरगोन से तबादला करवाने के लिए. जानकारी के मुताबिक यह दलाल खरगोन में अपने गुर्गो को बोलकर गया है मकर संक्रांति 14 जनवरी तक वो किसी भी हालत मे डामोर मेडम का तबादला करवा देगा.
मजे की बात ये है कि 19 जुलाई को खरगोन सहायक आयुक्त का प्रभार सम्हालने वाली डामोर मेडम को अभी छ्ह महीने भी नहीं हुए हैं. प्रदेश मे वैसे भी चुनावी साल शुरू हो चुका है और शिवराज सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के लिए हर कदम सावधानी से उठा रही है. ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प रहेगा कि सरकार एक दलाल के कहने पर एक ईमानदार अधिकारी को बिना किसी वजह के सिर्फ़ पांच महीने के भीतर हटाने का जोखिम उठाती है कि नही. खास बात ये है कि मेडम ने कुछ महीनो के भीतर ही खरगोन जिले का कायाकल्प कर दिया है. मेडम की निगरानी में जिले के दो आदिवासी बच्चे मप्र लोक सेवा आयोग की तैयारी के लिये इन्दोर जा रहे हैं. झिरञा ब्लाक के आदिवासी परिवारो के घरो तक बिजली की व्यवस्था करने का अनुकरणीय कार्य किया है.